Budget 2026 Wishlist: Airtel-जियो-Vi समेत टेलीकॉम सेक्टर की बड़ी मांगें, लाइसेंस फीस से लेकर नेटवर्क निवेश तक जोर
भारत में Union Budget 2026 को लेकर टेलीकॉम सेक्टर की गतिविधियां लगातार तेज हो रही हैं। 14 जनवरी 2026 को सामने आए अपडेट्स में यह साफ हुआ कि टेलीकॉम इंडस्ट्री बजट से केवल टैक्स राहत नहीं, बल्कि रेग्युलेटरी बोझ कम करने और नेटवर्क निवेश को प्रोत्साहन देने की मांग कर रही है।
इंडस्ट्री बॉडी और एक्सपर्ट्स का मानना है कि 5G विस्तार, ग्रामीण ब्रॉडबैंड और डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर की मजबूती के लिए नीतिगत समर्थन जरूरी हो गया है।
टेलीकॉम सेक्टर की “Budget 2026 Wishlist” में क्या है?
14 जनवरी 2026 के चर्चित अपडेट के अनुसार टेलीकॉम सेक्टर की कुछ मांगें सबसे ज्यादा हाइलाइट में हैं।
1) लाइसेंस फीस में कटौती
टेलीकॉम कंपनियां चाहती हैं कि लाइसेंस फीस का बोझ कम हो। इंडस्ट्री का तर्क है कि मौजूदा ढांचा कैश फ्लो पर दबाव बनाता है और निवेश क्षमता घटाता है।
2) GST नियमों में राहत
टेलीकॉम सेक्टर लंबे समय से GST और Input Tax Credit (ITC) को लेकर मुद्दे उठा रहा है। उनका कहना है कि रेग्युलेटरी पेमेंट्स पर GST की संरचना से:
- कैश आउटफ्लो बढ़ता है
- ITC जमा होता जाता है
- वर्किंग कैपिटल पर बोझ आता है
3) 5G नेटवर्क रोलआउट के लिए सपोर्ट
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5G भारत में तेजी से बढ़ रहा है, लेकिन अभी भी बड़े निवेश की जरूरत है। Budget 2026 से इंडस्ट्री को उम्मीद है कि:
- नेटवर्क विस्तार और फाइबराइजेशन को प्रोत्साहन मिले
- ग्रामीण और दूरस्थ क्षेत्रों में कनेक्टिविटी सुधार के लिए विशेष सपोर्ट हो
- इंफ्रास्ट्रक्चर लागत घटाने वाले कदम शामिल हों
4) स्पेक्ट्रम और रेग्युलेटरी चार्जेस पर रीथिंक
टेलीकॉम कंपनियों का मानना है कि स्पेक्ट्रम असाइनमेंट/प्राइसिंग मॉडल को बदलना जरूरी है, ताकि भारत में कनेक्टिविटी तेजी से बढ़ सके।
Airtel, Jio और Vi के लिए यह क्यों अहम?
भारत का टेलीकॉम मार्केट अब सीमित बड़े प्लेयर्स पर टिका है, जिनके पास नेटवर्क विस्तार का जिम्मा है।
- Bharti Airtel लगातार 5G और फाइबर में निवेश कर रही है
- Reliance Jio 5G कवरेज विस्तार के साथ बड़े पैमाने पर इंफ्रास्ट्रक्चर बना रही है
- Vodafone Idea (Vi) के लिए आर्थिक राहत और निवेश-सपोर्ट और भी ज्यादा महत्वपूर्ण माना जाता है
इसी वजह से बजट में किसी भी तरह की नीति-राहत सीधे कंपनियों की रणनीति पर असर डाल सकती है।
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कंज्यूमर के नजरिए से Budget 2026 का असर
आम यूजर्स के लिए बजट चर्चाएं दूर की बात लग सकती हैं, लेकिन असल में इसका असर:
- नेटवर्क क्वालिटी पर
- डेटा स्पीड और कवरेज पर
- ग्रामीण क्षेत्रों की कनेक्टिविटी पर
लंबे समय में दिखता है। यदि इंडस्ट्री को राहत मिलती है, तो नेटवर्क निवेश बढ़ने की संभावना है।
सरकार के लिए चुनौती क्या है?
Budget 2026 में सरकार को टेलीकॉम सेक्टर के लिए:
- उद्योग को निवेश-अनुकूल माहौल देने
- रेग्युलेटरी संतुलन बनाए रखने
- राजस्व हितों की रक्षा करने
तीनों के बीच बैलेंस बनाना होगा।
निष्कर्ष
14 जनवरी 2026 को सामने आई Budget 2026 Wishlist यह संकेत देती है कि भारत का टेलीकॉम सेक्टर अब “डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर” की भूमिका में है। अगर सरकार बजट में रेग्युलेटरी बोझ कम करती है और निवेश को प्रोत्साहित करती है, तो इसका सीधा फायदा नेटवर्क क्वालिटी और डिजिटल कनेक्टिविटी के रूप में देश के करोड़ों ग्राहकों को मिल सकता है।
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