भारत में प्रीमियम और लग्जरी कार बाजार तेजी से बढ़ रहा है, लेकिन 18 जनवरी 2026 को सामने आई रिपोर्ट के मुताबिक luxury car कंपनियों ने सरकार से एक बड़ी मांग रखी है—import duty reform। खासतौर पर Mercedes-Benz जैसे ब्रांडों का कहना है कि मौजूदा टैक्स और ड्यूटी स्ट्रक्चर के कारण भारत में global models की कीमतें काफी बढ़ जाती हैं, जिससे मांग पर असर पड़ता है।
Budget 2026 से पहले यह मुद्दा एक बार फिर चर्चा में है क्योंकि कंपनियां चाहती हैं कि भारत में premium cars की खरीद को आसान बनाया जाए और हाई-टेक वाहनों को तेजी से अपनाया जा सके।
क्या है 18 जनवरी 2026 की बड़ी अपडेट?
18/01/2026 को ऑटो इंडस्ट्री से जुड़ी खबरों में यह बात प्रमुख रही कि luxury car makers ने सरकार से कहा है कि:
- CBU (Completely Built Unit) पर import duty कम की जाए
- कुछ parts पर ड्यूटी rationalize की जाए ताकि local assembly और manufacturing को सपोर्ट मिले
- India में premium segment का विकास तेजी से हो
क्यों उठी import duty reform की मांग?
Luxury cars का एक बड़ा हिस्सा अभी भी import/assembly मॉडल में आता है। मौजूदा संरचना में:
- उच्च import duty के कारण base price पर भारी बढ़ोतरी होती है
- नई technology (ADAS, hybrid, EV tech) वाली cars भारत में महंगी पड़ती हैं
- कई models India launch से पहले ही price barrier के कारण रुक जाते हैं
कंपनियों का कहना है कि अगर duty reforms होते हैं, तो भारत में premium car adoption बढ़ सकता है और customers को बेहतर विकल्प मिल सकते हैं।
Mercedes-Benz और luxury brands की रणनीति
India luxury segment में Mercedes-Benz, BMW, Audi समेत कई brands लगातार expansion पर काम कर रहे हैं। Budget 2026 से पहले brands सरकार को यह संकेत दे रहे हैं कि:
- अगर taxation supportive हो तो companies India में ज्यादा models ला सकती हैं
- local production/assembly को expand करने में तेजी आएगी
- premium market की growth sustainable होगी
क्या सिर्फ import cars पर बात है?
नहीं। brands यह भी चाह रहे हैं कि कुछ critical components पर ड्यूटी कम हो ताकि local assembly cost घटे और final consumer price में राहत मिले।
Budget 2026 में क्या बदलाव संभव हैं?
Budget में क्या होगा, यह सरकार का निर्णय है। लेकिन 18 जनवरी 2026 की रिपोर्ट के अनुसार industry की expectations में शामिल हैं:
- CBU duty में संभावित restructuring
- auto parts पर duty easing
- premium tech vehicles को market में लाने के लिए policy support
आम खरीदार को क्या फायदा होगा?
अगर सरकार duty reforms पर विचार करती है, तो buyers को:
- luxury cars की prices में संभावित कमी
- ज्यादा variants और models
- नई safety और comfort technologies
हालांकि यह भी ध्यान रखना जरूरी है कि luxury car pricing में duty के अलावा भी कई elements शामिल होते हैं, इसलिए final impact policy की details पर निर्भर करेगा।
भारत में luxury car market का ट्रेंड
पिछले कुछ वर्षों में premium segment में demand बढ़ी है। खासकर:
- luxury SUVs की popularity
- high-end feature demand
- EV और hybrid में curiosity
Industry का मानना है कि 2026 में premium segment और मजबूत हो सकता है, लेकिन tax reforms इस growth को accelerate कर सकते हैं।
निष्कर्ष
18 जनवरी 2026 को सामने आई Budget 2026 से जुड़ी यह खबर बताती है कि luxury car makers भारत में premium mobility को बढ़ाने के लिए duty reforms की मांग तेज कर रहे हैं। यदि सरकार कोई राहत देती है तो luxury car buyers के लिए कीमतें और विकल्प दोनों बेहतर हो सकते हैं। अब सबकी नजर Budget 2026 की घोषणाओं पर टिकी है।























Comments (0)
No comments yet. Be the first!
Leave a Reply