भारत बनेगा 'Global AI Producer': इंडिया AI मिशन को लेकर नया रोडमैप जारी
भारत अब आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) का केवल उपभोक्ता नहीं, बल्कि निर्माता बनने की राह पर है। 10 जनवरी, 2026 को लखनऊ में आयोजित AI Convergence Summit 2026 में उद्योग जगत के दिग्गजों और सरकार ने भारत के 'इंडिया AI मिशन' (India AI Mission) को लेकर बड़े ऐलान किए।
उपभोक्ता से निर्माता बनने का सफर
समिट के दौरान विशेषज्ञों ने इस बात पर जोर दिया कि भारत को अब टेक्नोलॉजी का आयात करने वाले देश से निकलकर, टेक्नोलॉजी का निर्यात करने वाला देश बनना होगा।
फ्यूचर एंड एआई (Future & AI) के संस्थापक निवेदन राठी ने कहा, "दशकों तक भारत वैश्विक अर्थव्यवस्था में एक उपभोक्ता रहा है, चाहे वह कमोडिटी हो या टेक्नोलॉजी। लेकिन नया नेतृत्व और इंडिया AI मिशन इसे बदलने के लिए प्रतिबद्ध है। हम ज्ञान, शोध और इनोवेशन के वैश्विक उत्पादक (Global Producer) बनेंगे।"
स्टार्टअप्स के लिए कंप्यूट इंफ्रास्ट्रक्चर
इस समिट की सबसे बड़ी खबर भारतीय स्टार्टअप्स के लिए बुनियादी ढांचे (Infrastructure) को लेकर थी।
- 38,000 GPUs तक पहुंच: CIBA के सीईओ प्रसाद मेनन ने जानकारी दी कि सरकार के निवेश के कारण अब भारतीय स्टार्टअप्स के पास 38,000 से अधिक GPUs (Graphics Processing Units) की एक्सेस है।
- सस्ती कंप्यूटिंग: पहले स्टार्टअप्स को अपना इंफ्रास्ट्रक्चर बनाने के लिए भारी खर्च करना पड़ता था, लेकिन अब इनक्यूबेटर्स के माध्यम से उन्हें वर्ल्ड-क्लास कंप्यूटिंग संसाधन मिल रहे हैं।
- आत्मनिर्भरता: इसका सीधा फायदा यह है कि भारतीय कंपनियां अब सिलिकॉन वैली की कंपनियों पर निर्भर रहे बिना अपने खुद के LLMs (Large Language Models) और AI टूल्स विकसित कर सकती हैं।
फरवरी में होगा बड़ा ग्लोबल समिट
यह आयोजन फरवरी 2026 में नई दिल्ली में होने वाले India AI Impact Global Summit का प्री-कर्सर (pre-cursor) था। 10 जनवरी की चर्चाओं ने यह साफ कर दिया है कि सरकार का फोकस केवल सॉफ्टवेयर बनाने पर नहीं, बल्कि 'Deep Tech' और शोध पर है।
विशेषज्ञों का मानना है कि इस दशक के अंत तक, दुनिया भारत में बने AI का इस्तेमाल करेगी। यह न केवल आर्थिक विकास को बढ़ावा देगा बल्कि भारत को डिजिटल संप्रभुता (Digital Sovereignty) भी प्रदान करेगा।























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